देश से मानसून की विदाई होती दिख रही है, लेकिन कई राज्यों में अब भी भारी बारिश और तूफान जैसी स्थितियाँ बनी हुई हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार मानसून औसत से अधिक सक्रिय रहा, जिससे देश के कई हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और फसलों को नुकसान जैसे हालात बने। इस बार मानसून ने कुछ राज्यों में प्रलय का विकराल रूप दिखाया तो कुछ राज्यों में सुहाना नौसम भी देखने को मिला। इस सप्ताह 15 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. जानें इस सप्ताह के मौसम की हर अपडेट –
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी आज यानि 15 सितंबर से राजस्थान से शुरू हो रही है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में 18-20 सितंबर तक अत्यधिक वर्षा की चेतावनी है।
उत्तर भारत — बारिश थमी, लेकिन पहाड़ों में अलर्ट जारी
उत्तर भारत के मैदानों में मानसून धीरे-धीरे विदा लेने लगा है। जहाँ दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया था वहीं पंजाब में राबी, चिनाब और सतलुज नदियों के जल ने जो विकराल रूप लिया तो ऐसी भीषण बाढ़ आयी कि, आम जन – जीवन के साथ ही फसले नष्ट हो गयी. इस सप्ताह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई बड़ी बारिश का अनुमान नहीं है। यहाँ इस सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा।
साथ ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज 15 सितंबर को भारी बारिश और कल 16 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और कोहरा भी हो सकता है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में आज से 20 सितंबर तक बारिश जारी रहने की सम्भावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, रातें अब ठंडी होने लगी हैं, जिससे सर्दियों की शुरुआत के संकेत मिलने लगे हैं। इस बार सर्दियाँ सामान्य से अधिक ठंडी हो सकती हैं।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में होगी झमाझम बारिश
पूर्वी और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून अब भी सक्रिय है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है: बिहार के अधिकांश जिलों में आज और कल 15 –16 सितंबर को मूसलाधार बारिश की तीव्र सम्भावना है. कुछ इलाकों में 18 सितंबर तक 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जिसका असर फसल और सड़क परिवहन पर भी होने की संभावना है।
असम और मेघालय की बात करें तो आज और कल यानि 16 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की सम्भावना है और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। अरुणाचल प्रदेश में आज से 17 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आज 15 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी हैं. सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 16 से 18 सितंबर तक बहुत भारी बारिश संभव है।
पश्चिम भारत के महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश का कहर जारी
पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले भारी बारिश की एक और लहर देखने को मिल सकती है. कोंकण और गोवा में आज बहुत भारी वर्षा होना बताया गया है. कल 16 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश गरज के साथ हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज और कल यानि 16 सितंबर तक बारिश के साथ ही कुछ इलाकों में आंधी और बिजली गिरने की संभावना है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में जहाँ कल 16 सितंबर को गरज के साथ बारिश और तूफानी हवाएं चलने की सम्भावना है. वहीं राजस्थान और गुजरात 15 सितंबर से मानसून की वापसी शुरू होगी। गुजरात के तटीय हिस्सों में अभी 16–17 सितंबर तक बारिश बनी रह सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश जारी, लेकिन गर्मी और उमस भी
दक्षिण भारत में मानसून बना हुआ है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के संकेत हैं.जहाँ केरल और तटीय तमिलनाडु में आज से 18 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश होने की सम्भावना है. वहीँ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में आज से 17 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी भी आने की सम्भावना है. कर्नाटक के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में छिटपुट बारिश होगी और कई जगह बादल भी छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर नमी और उमस के चलते गर्मी भी हो सकती है.
किसानों के लिए चेतावनी और सुझाव
बिहार और यूपी के किसानों के लिए बारिश मिश्रित प्रभाव डाल सकती है: धान और गन्ने की फसलों को लाभ, परंतु जलभराव के कारण फसलों को नुकसान की भी सम्भावना हैं.
वहीँ पश्चिमी भारत में फसलों की कटाई में देरी और खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो पहाड़ी खेती और चारागाहों पर प्रभाव पड़ सकता है।
सभी किसानो भाई स्थानीय मौसम केंद्रों से जानकारी लेते रहें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
IMD के अनुसार, आज से मॉनसून की विदाई की प्रक्रिया राजस्थान से शुरू हो रही है, जो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक देशभर में पूरी होगी। लेकिन पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में बारिश 21 सितंबर तक जारी रहने की सम्भावना हैं. तो किसान भाइयों आप बारिश के समय में रखिएगा अपनी फसलों का ध्यान और जल निकासी की व्यवस्था खेतों में ज़रूर कीजियेगा।

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