मधुमक्खियों से मिलने वाले शहद, मोम और अन्य मूल्यवान उत्पादों से किसान भाई लाभ कमा सकते हैं. मधुमक्खी पालन को चाहे मुख्य कार्य के रूप में अपनाएं या खेती के साथ ही मधुमक्खी पालन भी करें, दोनों ही तरीकों से यह आमदनी का बढ़िया स्त्रोत है. प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए,उत्तर प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालकों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रही है. तो आप कैसे ले सकते हैं ट्रेनिंग, क्या है आवेदन की आखरी तिथि और कैसे करना है आवेदन, ये सब जानने के लिए पढ़ें यह लेख –
मधुमक्खी पालन (Bee Keeping)
मधुमक्खियों का पालन करना एक कृषि-आधारित उद्योग है जो ग्रामीण आजीविका और आय के अवसर प्रदान करता है। इस व्यवसाय में कम निवेश की आवश्यकता होती है और यह कृषकों के साथ ही बेरोजगार युवाओं के लिए भी लाभकारी है। इसके लिए मधुमक्खी छत्तों के अलावा, विशेष कपड़े, मास्क, दस्ताने, और धुआं करने वाले यंत्र जैसे उपकरणों की जरूरत होती है।
मधुमक्खी पालन के फायदे
मधुमक्खी पालन के बहुत लाभ है. यह एक कम खर्चीला व्यवसाय है जिससे कम समय में अच्छी आमदनी हो सकती है। मधुमक्खी पालन एक ऐसा स्वरोजगार है जो ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को घरेलू कार्य के साथ-साथ आय का साधन प्रदान करता है। मधुमक्खियां परागण में मदद करती हैं, जिससे फसलों, सब्जियों और फलों की पैदावार बढ़ती है। इससे शहद के अलावा, मोम, पराग और रॉयल जेली जैसे मूल्यवान उत्पादों का भी उत्पादन होता है, जिनकी विदेशों में भी मांग है। साथ ही यह पर्यावरण को शुद्ध रखने और जैव विविधता को बढ़ाने में सहायक है.
ट्रेनिंग दे रही है सरकार
योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. प्रदेश सरकार ने कुछ जिलों में, मधुमक्खी पालन का 90 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय किया है. यूपी के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार, यह ट्रेनिंग किसानों को शहद उत्पादन और रोजगार के नए अवसर देने के मकसद से शुरू की गई है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी
सरकार मधुमक्खी पालन के लिए 40 फीसदी तक सब्सिडी भी दे रही है. इस प्रशिक्षण से किसानों की आमदनी तो बढ़ेगी ही, साथ ही पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा.
आवेदन की तिथि और पात्रता
मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण 90 दिनो यानि 3 महीनो के लिए आयोजित किया जा रहा हैं. यह औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र सहारनपुर, बस्ती और राजकीय उद्यान प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2025 हैं.
प्रशिक्षण लेने वालों को इसके लिए कोई भी शुल्क नहीं देना होगा बल्कि ये ट्रेनिंग पूरी तरह निशुल्क होगी. इस प्रशिक्षण के लिए कम से कम 8 वीं पास महिला एवं पुरुष आवेदन कर सकते हैं.
कैसे करें आवेदन
इस प्रशिक्षण के लिए इच्छुक उम्मीदवार अपने नजदीकी ट्रेनिंग सेंटर संयुक्त निदेशक, औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र (सहारनपुर/बस्ती) या अधीक्षक, राजकीय उद्यान (प्रयागराज)से संपर्क करें। ट्रेनिंग के दौरान सरकार सिर्फ ट्रेनिंग देगी. उम्मीदवारों को अपने रहने और खाने-पीने की व्यवस्था खुद करनी होगी।
तो उत्तर प्रदेश के भाई – बहन इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन करें और प्रशिक्षण प्राप्त करें क्योंकि मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसे आप कम लागत और कम समय में शुरू कर सकते हैं. यह आपके लिए एक अच्छा स्वरोजगार बन सकता है और आप शहद की बिक्री से अच्छी कमाई कर सकते है.

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