Weather:पंजाब के किसान,बाढ़ से परेशान

पंजाब किसान बाढ़ समस्या

इस बार की बारिश से देश के हाल बेहाल है. जहाँ एक ओर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश और लैंड स्लाइडिंग ने स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों भी मुसीबत में डाल दिया है, वहीं  दूसरी ओर  पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों में भी भारी बारिश परेशानी का सबब बनी हुई है. पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने किसानों को परेशान कर दिया है.

पंजाब में भारी बारिश और हिमाचल व जम्मू-कश्मीर से छोड़े गए पानी के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियाँ उफान पर हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। कई जगहों पर प्रशासन ने नावों और ट्रैक्टरों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।वहां की आम जनता के साथ ही किसानों के हालात पर यह विशेष लेख पढ़े- 

किसान है परेशान

पंजाब देश का अन्न भंडार है.यहाँ आम जनता के साथ ही किसान भी बहुत परेशान है. पंजाब में बाढ़ का सबसे बड़ा असर कृषि पर पड़ा है। करीब चार लाख एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है। धान, मक्का, गन्ना और कपास जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसान अब मुआवजे और तत्काल वित्तीय सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
यहां बाढ़ से फसल को हुए नुकसान की भरपाई केंद्र की मदद के बिना संभव नहीं है। बाढ़ से किसानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कई इलाकों में पशुओं के लिए चारे की भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। यदि तुरंत सहायता नहीं मिली तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।

प्रवासी मजदूरों का संकट में है जीवन

पंजाब में आई बाढ़ से बिहार के हजारों प्रवासी मजदूरों का रोज़मर्रा जीवन संकट में है. परंपरागत रूप से धान की रोपाई-करने वाले मजदूर बाढ़ के कारण खेतों मे काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी कमाई और उम्मीदें टूट गई हैं. हर साल बड़ी संख्या में मज़दूर पंजाब जाकर धान की रोपाई और कटाई से अपने परिवार का गुज़ारा करते थे, लेकिन इस बार बाढ़ ने उनके सपनों को डुबो दिया है.
                      सुपौल, सहरसा, मधुबनी जैसे जिलों के मजदूर अब पंजाब के बजाय हरियाणा और दिल्ली की ओर पलायन कर रहे है। संपर्क टूटने और बिजली न होने से फंसे मजदूरों की स्थिति और खराब हो गई है. बेरोजगारी और आर्थिक तंगी गांवों तक फैल रही है. यह प्राकृतिक आपदा बिहार के प्रवासी मजदूरों के लिए स्थायी रोजगार और सरकारी सहायता की जरूरत को बढ़ा रही है ताकि वे जीवन-यापन कर सकें. दर्जनों लोग परिवार समेत धान की रोपाई करने पंजाब गए थे. उनकी कटाई के समय दोबारा लौटने की योजना थी, लेकिन बाढ़ ने खेत-खलिहानों को जलमग्न कर दिया इसलिए अब वो शायद नहीं लौटेंगे।

लुधियाना के हाल-बेहाल

लुधियाना जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहले शनिगांव पानी में डूब गया था और अब सतलुज नदी किनारे स्थित ससराली कॉलोनी इलाके का बांध कमजोर पड़ गया है। स्थिति की गंभीरता देखते हुए कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन मौके पर पहुंचे थे और तुरंत सेना को बुलाया गया था.
सेना और एनडीआरएफ की टीम ने वहां मोर्चा संभाला है और बांध को मजबूत करने का काम जारी है। प्रशासन ने किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। आसपास के गांवों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने धुस्सी बांध का भी निरीक्षण किया और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। अभी लुधियाना शहर में पानी नहीं घुसा है, लेकिन दरियाई इलाकों के गांवों में चिंता गहराई हुई है।

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पठानकोट की क्या है स्थिति


उधर, पठानकोट जिले में लगातार बारिश से पहाड़ दरकने लगे हैं। स्थिति लगातार बिगड़ रही है.  शाहपुरकंडी डैम साइड जुगियाल-धारकलां रोड पर भारी मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। चक्की खड्ड के पास भी पहाड़ गिरने से खड्ड में कटाव बढ़ गया है। दूसरा डैम साइड रोड भी बंद हो गया है, जिससे ग्रामीणों और यात्रियों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री का क्या है कहना 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि – “ राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को पूरी ताकत से काम करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठिकानों तक ले जाया जा रहा है और भोजन, पानी तथा स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।”
                  हालांकि तबीयत खराब होने के कारण वे खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं कर पाए। उनकी जगह आप प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री अमन अरोड़ा ने केजरीवाल को पंजाब की बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया।

राज्य के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्र से 2 हजार करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की मांग की है। साथ ही, राज्य के बकाया 60 हजार करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की भी मांग की है।

पंजाब के कृषि मंत्री ने क्या कहा 

राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की।  उनसे बाढ़ प्रभावित चार लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग की। उन्होंने कहा कि- “पंजाब देश का अन्न भंडार है और यहां बाढ़ से फसल को हुए नुकसान की भरपाई केंद्र की मदद के बिना संभव नहीं है।”

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया दौरा 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमृतसर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हालात का जायजा लेने के लिए पंजाब भेजा है। चौहान ने रावी दरिया से सटे अजनाला के घोनेवाला गांव में जाकर क्षति का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। कृषि मंत्री ने खुद पानी में उतरकर स्थिति का आकलन किया। उन्होंने कहा कि- “ केंद्र सरकार पंजाब की स्थिति को लेकर चिंतित है और जल्द ही राहत पैकेज पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।”

              इस समय पंजाब महाबाढ़ की चपेट में है। लुधियाना के बांध से लेकर पठानकोट के पहाड़ों तक हालात गंभीर बने हुए हैं। लाखों लोग प्रभावित हैं, सैकड़ों गांव डूब चुके हैं और किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर हैं। केंद्र और राज्य सरकारें राहत कार्य में जुटी हैं, देश की आम जनता भी मदद के लिए आगे आ रही है. केंद्र की ओर से किसानों को जल्दी सहायता मिले ऐसी उम्मीद की जा रही है.

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अपनी कलम और प्रखर वाणी के दम पर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहचान बनाने वाली श्रुति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 11 वर्षों का अनुभव रखती है. इन्होंने होलकर विज्ञान महाविद्यालय से बायोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता के साथ बी.एस.सी.की है. कुशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्रोफेशनल श्रुति ने पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए., पत्रकारिता और जनसंचार अध्ययनशाला देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, मध्यप्रदेश से किया है. रिपोर्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली श्रुति ने अर्टिकल राइटर, कंटेंट राइटर, एंकर, स्क्रिप्ट राइटर, रेडियो जॉकी, ब्यूरो चीफ, समाचार सम्पादक, संपादक, कंटेंट मैनेजर, नेशनल हेड - इवेंट्स और जनसम्पर्क पदों पर रहते हुए अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण आदि समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में कार्य करने के साथ, आकाशवाणी (आल इंडिया रेडियो), कृषि जागरण, ग्रीन टी. वी., आर्यन टी. वी. नेशनल (साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा )में भी कार्य किया है. लेखक और कवि होने के साथ ही श्रुति एंकर और व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक भी है. वर्तमान में एग्री संपर्क (डिजिटल संपर्क, नोएडा) में मुख्य संपादक और नेशनल हेड - इवेंट्स और जनसम्पर्क के पद पर कार्यरत हैं

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