किसान एक होकर ज़ब एक – दूसरे के सुख – दुख में खड़े हो जाते हैं, फसलों का बेहतर दाम कैसे मिले यह विचार करते हैं और खेती के बेहतर तरीके साथ मिलकर खोजते हैं और अपनाते हैं तों किसान उत्पादक संगठन (FPO), के रूप में आर्थिक उन्नति की ओर कदम बढ़ाते हैं.
विगत दिनों इंटरनेशनल एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (IABMI), आणंद (गुजरात)में दो दिवसीय एफपीओ वाइब्रेंट समिट 2025 का सफल आयोजन किया गया। इसमें एफपीओ प्रबंधन, शासन, बाजार संपर्क, व्यवसाय नेटवर्किंग, नवाचार, तकनीक, नेतृत्व विकास और मूल्य संवर्धन आदि महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने मार्गदर्शन दिय
यह आयोजन संप इंडिया कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, अहमदाबाद द्वारा आणंद कृषि विश्वविद्यालय (AAU), आणंद (गुजरात) के सहयोग से किया गया. इसमें संबद्ध CBBOs – समर्थ एग्रीकल्चर, मंगलम सीड्स, काशविन सीड्स एवं पशुपति कॉटस्पिन लिमिटेड भी सहयोगी रहें.

इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 60 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के 130 से अधिक बोर्ड सदस्यों एवं सीईओ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही गुजरात के 14 एफपीओ द्वारा उत्पादित वस्तुओं को प्रदर्शित करने हेतु विशेष “एफपीओ हाट” का आयोजन भी किया गया।
समिट के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एम. के. जाला (निदेशक अनुसंधान, AAU), डॉ. आर. एस. पुंडीर (प्राचार्य एवं डीन, IABMI), एच. वी. गोहिल (प्रशिक्षक एवं प्रोफेसर, डॉ. एस. एस. गांधी कॉलेज, सूरत) एवं आशीष पटेल (निदेशक, संप इंडिया एवं टीम लीडर, समर्थ एग्रीकल्चर, अहमदाबाद) उपस्थित रहे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि पंकज कुमार प्रसाद (अतिरिक्त प्रबंध निदेशक, NAFED इंडिया) एवं श्री अरविंद मिश्रा (शाखा प्रबंधक, NCCF अहमदाबाद) ने एफपीओ सदस्यों से संवाद किया।
दूसरे दिन माननीय कुलपति आणंद कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. के. बी. कथिरियाजी की अध्यक्षता में “मंथन अवार्ड” समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 8 श्रेणियों में उत्कृष्ट एफपीओ को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर NIF Incubation & Entrepreneurship Council (NIFientreC) एवं संप इंडिया के बीच प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने हेतु एमओयू भी साइन किया गया। साथ ही बोर्ड सदस्यों एवं सीईओ के प्रशिक्षण हेतु पुस्तिका “परिचय: किसान उत्पादक संगठन (भाग 01)” का विमोचन भी किया गया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
एफपीओ को गति और विस्तार देने वाली इस एफपीओ वाइब्रेंट समिट 2025 की तरह देश भर के एफपीओ के लिए समिट की जानी चाहिए ताकि किसानों की आर्थिक उन्नति हो पाएं.

Be the first to comment