गाय को भारत में माँ का दर्जा दिया जाता है. फिर भी देश में गाय माता की हो रही दुर्गति के बीच एक अच्छी खबर आयी है. देसी गायों के संरक्षण और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
गौ पालक भाइयों के लिए यह खुशखबरी है कि, नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है.यह योजना क्या है, आप इसका लाभ कैसे ले सकते हैं , इस बारे में सब कुछ जानने के लिए यह लेख पढ़े-
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार देसी गायों के संरक्षण और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से सरकार ने करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से नंद बाबा दुग्ध मिशन की शुरुआत की है. इसी के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की गयी हैं. इसके अंतर्गत हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं ताकि किसानों को उनके गांव में ही दूध का सही दाम प्राप्त हो सकें.
उद्देश्य-
बता दें कि, नंदिनी गाय महर्षि वसिष्ठ के पास थी। वह कामधेनु गाय की पुत्री थी, जो एक दिव्य गाय थी और इच्छाएं पूरी करने वाली मानी जाती थी।इसीलिए इस योजना का नाम किसानों और पशुपालकों के जीवन में समृद्धि लाने के उद्देश्य से रखा गया है.
इस योजना के जरिए प्रदेश में स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में भी इजाफा होगा. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि देसी गायों की डेयरी खोलने पर सरकार 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी.
कितनी मिलेगी मदद?
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की कुल लागत 23.60 लाख रुपये है. इसमें से 50 फीसदी यानी 11.80 लाख रुपये सरकार अनुदान के तौर पर देगी. 15% राशि लाभार्थी यानि पशुपालक को खुद लगानी होगी. शेष 35% बैंक लोन के जरिए कवर किया जाएगा. अनुदान की राशि दो किस्तों में जारी होगी.
पात्रता की शर्ते-
- लाभार्थी उत्तर प्रदेश का स्थानीय निवासी होना चाहिए.
- आधार कार्ड अनिवार्य है. गाय या भैंस पालन का कम से कम 3 साल का अनुभव जरूरी.
- डेयरी के लिए करीब 8712 वर्ग फुट जमीन होनी चाहिए.
- साथ ही इस योजना का लाभ लेने के लिए गायों की खरीद से सम्बंधित कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.
- जैसे – गायों की खरीदी प्रदेश से बाहर के ब्रिडिंग ट्रैक्ट से की जानी चाहिए.
- सभी गायों का ईयर टैग और बीमा कराना जरूरी है.
- खरीदी गई गाय पहली या दूसरी बार ब्यात की होनी चाहिए और ब्यात 45 दिन से ज्यादा पुराना न हो.
- साथ ही आवेदक के पास कम से कम 0.20 एकड़ जमीन डेयरी के लिए और 0.80 एकड़ चारा उत्पादन के लिए होनी चाहिए.
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट https://nandbabadugdhmission.up.gov.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा.पर याद रखिए,जरूरी दस्तावेजों की हार्डकॉपी भी पशुपालन विभाग में जमा करनी होगी.प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इस योजना के लिए लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा.
पशुपालक भाइयों और बहनों आप मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लीजिये लाभ और डेयरी उद्योग से आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलिए.

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